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Friday, September 04, 2015

Happy Teacher's Day - “गुरु का हाथ”

पिसते… घिसते… तराशे जाते…
गिरते… छिलते… लताडे जाते…
मांगते… चाहते… ठुकराए जाते…
गुजर जाते हैं चौबीस या इससे ज्यादा साल…

लगे बचपन से… बहुत लोग फरिश्ते से…
उम्र बढी, आँख खुली, दिल टूटे
मिले हम, मुँह फेरते हर इक रिश्ते से…
बदलते संवरते बिगडते हम साल दर साल…

खोये खुद में और छोड़ा परवाह करना भी…
लगाना उम्मीदें और पीछे बिलखना भी…
जीना सच में और कई परतों में सच को ढंकना भी…
बोझिल हुए सपने, सीखा जीना हर हाल…


एक सूरत माँ सी, एक साया पिता सा…
हर मोड पर मिला कोई अजनबी, नया, अपना सा…
जानते पहचानते नहीं वो मुझे…
फिर भी पहाड़ उनकी उम्मीदों का… लदा है मेरे सिर…
उन्हें नहीं सरोकार, क्या है मेरी मुश्किलें मेरे तूफान…




लेकिन जाने कैसे तोडकर मेरे भ्रमों को…
झकझोरकर मेरे हौसलों को…
कह देते हैं वे, पढे बिना ही मेरे मन को
बेटी, पा लेना आसमान…कभी नहीं था आसान…

नहीं सुनते वे शिकायतें… कि पत्थर हैं वे भी,
मेरे माँ पिता जैसे ही
और बनाना चाहते हैं सख्त मुझे भी…
लेकिन घबराहटों से मेरी… हो नहीं सकते वे इतने अनजान

बहुत ऊँचे देख लिये हैं सपने…
चोट खाया मेरा बागी मन…
कुछ आगे के… नये जमाने के, हैं मेरे ख्याल…
हो गयी है दुनिया से अनबन…
भरोसा हूँ, फिर भी किसी का… छू लूंगी आसमान…

रहें चुप सिवाय डाँटने के…
चाहे सुने ना सुने वे मेरी बात…
फिर भी अपने सिर पर बरबस…
पाकर अपने गुरु का हाथ…
हुए, उठ खडे, फिर मेरे अरमान...


 ...To all my teachers... especially my Research Supervisor Dr. Indu Yadav. :)


12 comments:

  1. गुरु को याद रखने की परंपरा शायद इसलिए ही शुरू हुयी भारत वर्ष में ...

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  2. सुन्दर रचना ......
    मेरे ब्लॉग पर आपके आगमन की प्रतीक्षा है |

    http://hindikavitamanch.blogspot.in/
    http://kahaniyadilse.blogspot.in/

    ReplyDelete
  3. खूबसूरत रचना
    मैं अपनें ब्लाग पर आपका इंतज़ार करूँगी
    Bindas2.blogspot.com

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  4. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, "भूली-बिसरी सी गलियाँ - 10 “ , मे आप के ब्लॉग को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  5. very nice and beautiful lines keep writing hindi blogs.....

    spoken English classes in Indore

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  6. Wonderful...truth of the life!

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  7. बहुत सुन्दर कविता है

    http://rinkiraut13.blogspot.in/

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  8. Nice thought really impressive word

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  9. I m satellite govt hospital Ajmer posted as a Lt post

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  10. हिंदी ब्लॉग जगत को ,आपके ब्लॉग को और आपके पाठकों को आपकी नई पोस्ट की प्रतीक्षा है | आइये न लौट के फिर से कभी ,जब मन करे जब समय मिलते जितना मन करे जितना ही समय मिले | आपके पुराने साथी और नए नए दोस्त भी बड़े मन से बड़ी आस से इंतज़ार कर रहे हैं |

    माना की फेसबुक ,व्हाट्सप की दुनिया बहुत तेज़ और बहुत बड़ी हो गयी है तो क्या घर के एक कमरे में जाना बंद तो नहीं कर देंगे न |

    मुझे पता है आपने हमने बहुत बार ये कोशिस की है बार बार की है , तो जब बाक़ी सब कुछ नहीं छोड़ सकते तो फिर अपने इस अंतर्जालीय डायरी के पन्ने इतने सालों तक न पलटें ,ऐसा होता है क्या ,ऐसा होना चाहिए क्या |

    पोस्ट लिख नहीं सकते तो पढ़िए न ,लम्बी न सही एक फोटो ही सही फोटो न सही एक टिप्पणी ही सही | अपने लिए ,अंतरजाल पर हिंदी के लिए ,हमारे लिए ब्लॉगिंग के लिए ,लौटिए लौटिए कृपया करके लौट आइये

    यही आग्रह मैं सबसे कर रहा हूँ उनसे भी जो पांच छह साल और उससे भी अधिक से पोस्टें नहीं लिख रहे हैं कारण का पता नहीं मगर मैं आवाज़ देता रहूंगा और आपसे भी यही आग्रह करूंगा कि आप भी मेरे साथ उनके साथ हो लीजिये |

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